आँख में कई प्रकार की बीमारियाँ हो सकती हैं। कुछ प्रमुख आँख की बीमारियों के नाम हिंदी में निम्नलिखित हैं:
कटाक्ष ट्रैक्शनल अमेट्रोपिया: इस बीमारी में आँख की नसों की संरचना में बदलाव हो जाता है जो दिखाई नहीं देता और दूरी देखने की क्षमता प्रभावित हो जाती है।
करंट ऑफ़ विस्वाकर्षण: इसमें आँख की पुट्ठी (कर्णिया) ढीली हो जाती है और दूरी देखने में कठिनाई होती है।
ग्लौकोमा: यह आँख की नसों की एक समस्या है जो आँख के अन्दरी दबाव को बढ़ाता है और दृष्टि को प्रभावित करता है।
आँख की पुतली की संक्रमण: यह आँख की पुतली की संक्रमण की बीमारी है, जिसमें आँख की पुतली लाल और सूजनयुक्त हो जाती है।
आँख का सुखाना: यह आँख की सुखाने वाली ग्रंथि (लाच्रिमल ग्रंथि) की समस्या है जो आँख को नमी प्रदान करने में असमर्थ बना देती है।
रेटिना की समस्याएँ: जैसे कि मकुला डीज़, रेटिना का अलगाव
आँख की पुतली की समस्याएँ: जैसे कि पुतली में संक्रमण, सुजन या अणुबंध हो जाने पर हो सकती है।
आँख की पंगुली की समस्याएँ: जैसे कि पंगुली में संक्रमण, सूजन, चोट या संधि की समस्या हो जाने पर हो सकती है।
नेत्रशोथ: यह आँख की सूजन है जो आमतौर पर संक्रमण, एलर्जी, या अन्य कारणों से हो सकती है।
नेत्रग्रंथि की समस्याएँ: जैसे कि ग्लौकोमा, किसी ग्रंथि में गांठ, या अन्य ग्रंथि समस्याएँ हो सकती हैं।
आँख के विट्रियम की समस्याएँ: जैसे कि विट्रियम की ख़राबी, गहराई में समस्या, या विट्रियम के प्रकार की बदलाव होने पर हो सकती हैं।
आँखों की सुखाने की समस्या: जैसे कि आँखों की नमी की कमी, सुखाने की बाधा, या आँखों की सुखाने की क्षमता में कमी हो सकती है।
आँखों की रोशनी की समस्या: जैसे कि दृष्टि की कमी, चश्मे की आवश्यकता, आँखों की अस्थिरता, या अन्य रोशनी संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।
आँखों की सूजन: जैसे कि आँखों की सूजन, गांठ या मस्तक की समस्या हो सकती है।
आँखों की खुजली और एलर्जी: जैसे कि आँखों में खुजली, लालिमा, या एलर्जी की समस्या हो सकती है।
नेत्रदाह (आँखों की जलन): जैसे कि नेत्रदाह या आँखों की जलन, सुन-पड़ना या चुभन जैसी समस्या हो सकती है।
आँखों की मोतियाबिंद: यह एक आँख की समस्या है जिसमें आँख की पुतली में एक या एक से अधिक मोतियों की गांठें बनती हैं, जो दृष्टि को प्रभावित कर सकती हैं।यह समस्याओं की सूची केवल संक्षेप में है और आँखों से संबंधित अन्य गंभीर समस्याएँ भी हो सकती हैं, जैसे कि ग्लौकोमा (नेत्रनाश), आँखों की संक्रमण, आँखों की ट्रैमा, आँखों की कैटरैक्ट (मोतियाबिंद) और आँखों के अन्य नानी समस्याएँ।
यदि आपको आँखों से संबंधित किसी भी समस्या का संदेह है, तो आपको एक प्रशिक्षित चिकित्सक या आँखों के विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। स्वयं निदान न करें और उचित चिकित्सा देखभाल का अनुशरण करें।




